"कोई राजा नहीं, कोई प्रजा नहीं — यहाँ सब बराबर हैं"
यह हमारे परम पावन धाम से संचालित होने वाली एक चेहराविहीन, गैर-राजनीतिक और पारदर्शी ग्रामीण क्रांति है। हमारा संकल्प है गाँव और ग्रामीणों से जुड़े हर छोटे-बड़े मुद्दे पर बिना किसी भेदभाव के काम करना।
गाँवों में आधुनिक लाइब्रेरी खोलना, युवाओं को कंप्यूटर और डिजिटल स्किल्स सिखाना और करियर गाइडेंस काउंसलिंग देना।
जाति, वर्ग या धर्म से ऊपर उठकर आपसी विवादों को थाना-कचहरी के बजाय चौपाल पर बैठकर प्रेम से सुलझाना।
ठीकरी पहरे को मजबूत करना, अंधेरे रास्तों पर स्ट्रीट लाइट्स लगवाना और बहन-बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाना।
गाँवों में स्वच्छता अभियान चलाना, बड़े पैमाने पर पौधारोपण करना और निःशुल्क मेडिकल चेकअप कैंप लगवाना।
गाँव से संबंधित हर छोटे-बड़े मुद्दे (चाहे वो सड़क हो, पानी की समस्या हो, खेती-किसानी हो या पशुपालन) पर मोर्चा हमेशा सक्रिय रहेगा।
संगठन का कोई भी स्थायी अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष या 'नेता' नहीं होगा। हर बैठक की शुरुआत में **"आज का प्रधान"** चिट सिस्टम (पर्ची प्रणाली) से चुना जाएगा, जो सिर्फ उस दिन की बैठक का संचालन करेगा।
इस मोर्चे के मंच से किसी भी राजनीतिक दल का प्रचार, चुनावी चर्चा या व्यक्तिगत चुनावी लाभ लेना बिल्कुल मना है। हमारा ध्यान सिर्फ और सिर्फ ग्रामीण विकास पर रहेगा।
मोर्चा किसी एक सीमित विषय तक बंधा नहीं रहेगा। गाँव की प्रगति, नालियों और गलियों की सफाई, खेती की सुविधाएं, पशुओं के लिए व्यवस्था या बिजली-पानी की समस्या — हर उस मुद्दे पर सक्रियता से काम किया जाएगा जो ग्रामीण हित में हो।
पैसे के विवाद या हेरा-फेरी से बचने के लिए मोर्चे का कोई स्थायी बैंक खाता नहीं होगा। जो भी काम किया जाएगा, उसका बजट बैठक में रखा जाएगा और सदस्य अपनी मर्जी से सीधे सामग्री या सहयोग प्रदान करेंगे।
बाबा जीतगिरी जी महाराज का धाम सबका है, और यह मोर्चा भी सबका है। बैठक में कोई भी जातिसूचक शब्द बोलना या किसी भी तरह का नशा करके आना तुरंत सदस्यता रद्द करने का आधार बनेगा।
सशक्त ग्रामीण मोर्चा किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि आपका अपना साझा मंच है। हमसे जुड़ने के लिए कोई औपचारिक फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है।
परम पावन धाम परिसर में आयोजित होने वाली हमारी आगामी खुली बैठकों में सीधे पहुँचें। वहाँ हर ग्रामीण को अपनी बात रखने और तुरंत "आज का प्रधान" व्यवस्था के तहत ज़िम्मेदारी उठाने का पूरा अधिकार है।